इनकम टैक्स कैलकुलेटर 2026-27
नई और पुरानी रिजीम की तुलना करें और देखें कि आपका टैक्स ठीक-ठीक कैसे बनता है।
₹12,00,000 (12 लाख) · स्टैंडर्ड डिडक्शन अपने आप लगता है
सिर्फ़ स्लैब दर पर टैक्स वाली आय
दोनों रिजीम में मान्य
पुरानी रिजीम की कटौतियाँ (वैकल्पिक)
₹1,50,000 तक
₹25,000 तक, वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹50,000, साथ में माता-पिता के लिए अलग
इसे निकालने के लिए HRA कैलकुलेटर इस्तेमाल करें
₹2,00,000 तक
₹50,000 तक
₹2,500 तक
बाक़ी पात्र कटौतियों का जोड़
सीमाएँ अपने आप लगती हैं। ये कटौतियाँ नई रिजीम में नहीं मिलतीं।
नई रिजीम
कम टैक्स₹0
₹0 महीना · आय का 0.00%
साल में ₹1,63,800 की बचत
पुरानी रिजीम
₹1,63,800
₹13,650 महीना · आय का 13.65%
नई रिजीम: हिसाब कैसे बना
- सकल आय
- ₹12,00,000
- − Standard deduction
- ₹75,000
- कर योग्य आय (₹10 में राउंड)
- ₹11,25,000
- ₹0 – ₹4,00,000 पर 0%
- ₹0.00
- ₹4,00,000 – ₹8,00,000 पर 5%
- ₹20,000.00
- ₹8,00,000 – ₹12,00,000 पर 10%
- ₹32,500.00
- आय पर टैक्स
- ₹52,500.00
- − धारा 87A की छूट (मार्जिनल रिलीफ़ सहित)
- ₹52,500.00
- + हेल्थ और एजुकेशन सेस (4%)
- ₹0.00
- कुल टैक्स (₹10 में राउंड)
- ₹0
स्लैब, 87A छूट, मार्जिनल रिलीफ़ के साथ सरचार्ज और 4% सेस, वित्त अधिनियम 2025 के अनुसार (बजट 2026 में बदलाव नहीं)। नियम 7 अक्टूबर 2026 को जाँचे गए। कैपिटल गेन और दूसरी विशेष दर वाली आय शामिल नहीं। यह योजना के लिए अनुमान है, टैक्स सलाह नहीं।
आपके ब्राउज़र में प्रोसेस होता है। कुछ भी अपलोड नहीं होता।
इनकम टैक्स कैसे निकालें
- 1
वर्ष और अपना आयु वर्ग चुनें।
- 2
अपना सालाना वेतन और कोई दूसरी आय डालें।
- 3
चाहें तो पुरानी रिजीम के लिए 80C, 80D, HRA और होम लोन ब्याज जैसी कटौतियाँ जोड़ें।
- 4
दोनों रिजीम साथ-साथ देखें, सस्ती वाली हाइलाइट और स्लैब-दर-स्लैब हिसाब के साथ।
नई और पुरानी रिजीम एक नज़र में
अपनी आय एक बार डालें और दोनों रिजीम का टैक्स साथ-साथ देखें, सस्ती वाली हाइलाइट और सालाना बचत के साथ। नई रिजीम डिफ़ॉल्ट है; रिटर्न भरते समय पुरानी कम पड़े तो उसे चुन सकते हैं। वेतनभोगी हर साल बदल सकते हैं; व्यवसाय की आय वालों को सिर्फ़ एक बार वापस बदलने की छूट है।
भारत के लिए टैक्स कैलकुलेटर: इनकम टैक्स कैलकुलेटर, नई बनाम पुरानी रिजीम कैलकुलेटर और सैलरी टैक्स कैलकुलेटर, सब एक में।
नई रिजीम की दरें (वित्त वर्ष 2025-26 और टैक्स वर्ष 2026-27)
| कर योग्य आय | दर |
|---|---|
| ₹4 लाख तक | शून्य |
| ₹4–8 लाख | 5% |
| ₹8–12 लाख | 10% |
| ₹12–16 लाख | 15% |
| ₹16–20 लाख | 20% |
| ₹20–24 लाख | 25% |
| ₹24 लाख से ऊपर | 30% |
वेतनभोगियों को ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है। धारा 87A की छूट (₹60,000 तक) से ₹12 लाख तक की कर योग्य आय पर टैक्स शून्य होता है। उससे थोड़ा ऊपर, मार्जिनल रिलीफ़ पक्का करता है कि आप ₹12 लाख से ऊपर की आय से ज़्यादा टैक्स न दें। जैसे, ₹12.1 लाख पर ₹10,000 और सेस लगता है, ₹61,500 नहीं।
पुरानी रिजीम
स्लैब: ₹2.5 लाख से 5%, ₹5 लाख से 20% और ₹10 लाख से ऊपर 30%। वरिष्ठ नागरिकों (60–79) के लिए छूट सीमा ₹3 लाख और 80+ के लिए ₹5 लाख। स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹50,000 है और ₹5 लाख तक की आय पर 87A छूट ₹12,500 तक। 80C, 80D, HRA और होम लोन ब्याज जैसी कटौतियाँ अपनी क़ानूनी सीमा तक अपने आप सीमित होती हैं।
सरचार्ज, सेस और राउंडिंग
₹50 लाख से ऊपर 10%, 15% या 25% सरचार्ज जुड़ता है (₹5 करोड़ से ऊपर 37% सिर्फ़ पुरानी रिजीम में), हर सीमा पर मार्जिनल रिलीफ़ के साथ। फिर 4% हेल्थ और एजुकेशन सेस जुड़ता है। कर योग्य आय और अंतिम टैक्स धारा 288A और 288B के अनुसार नज़दीकी ₹10 में राउंड होते हैं।
नियम 7 अक्टूबर 2026 को वित्त अधिनियम 2025 और बजट 2026 से जाँचे गए, जिसमें दरें नहीं बदलीं। हिसाब वाला पैनल हर कदम दिखाता है, ताकि आप फ़ॉर्म 16 या आयकर पोर्टल से मिला सकें। अगर आप HRA लेते हैं, तो पहले HRA कैलकुलेटर से छूट निकालें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नई रिजीम में कितनी आय तक टैक्स नहीं लगता?
धारा 87A की छूट की वजह से ₹12 लाख तक की कर योग्य आय पर कोई टैक्स नहीं लगता। वेतनभोगियों के लिए ₹75,000 के स्टैंडर्ड डिडक्शन से यह ₹12.75 लाख वेतन तक पहुँचता है। ₹12 लाख से थोड़ा ऊपर, मार्जिनल रिलीफ़ टैक्स को ₹12 लाख से ऊपर की आय तक सीमित रखता है।
क्या बजट 2026 में टैक्स स्लैब बदले?
नहीं। बजट 2026 में स्लैब, ₹12 लाख की छूट सीमा और ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन वही रहे। 1 अप्रैल 2026 से आयकर अधिनियम 2025 लागू है और “वित्त वर्ष 2026-27 / आकलन वर्ष 2027-28” की जगह “टैक्स वर्ष 2026-27” कहा जाता है, पर दरें वही हैं।
मेरे लिए कौन-सी रिजीम बेहतर है?
कैलकुलेटर आपके आँकड़ों से दोनों की तुलना करता है। मोटे तौर पर, पुरानी रिजीम तभी फ़ायदेमंद है जब आपकी कटौतियाँ (80C, 80D, HRA, होम लोन ब्याज वगैरह) बड़ी हों, आय के हिसाब से अक्सर ₹4–8 लाख से ज़्यादा।
क्या कैलकुलेटर में सरचार्ज और सेस शामिल हैं?
हाँ। यह ₹50 लाख से ऊपर सरचार्ज (नई रिजीम में अधिकतम 25%) मार्जिनल रिलीफ़ के साथ जोड़ता है, फिर 4% हेल्थ और एजुकेशन सेस, और क़ानून के अनुसार नतीजे को नज़दीकी ₹10 में राउंड करता है।
क्या शामिल नहीं है?
विशेष दर पर टैक्स वाले कैपिटल गेन (इक्विटी, प्रॉपर्टी), लॉटरी की जीत, कृषि आय और एरियर रिलीफ़ शामिल नहीं हैं। सिर्फ़ सामान्य स्लैब दर पर टैक्स वाली आय डालें।