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टैक्स के बाद सैलरी कैलकुलेटर

सकल वेतन से आपकी मासिक इन-हैंड सैलरी।

₹

₹10,00,000 (10 लाख)

%

आम तौर पर 40–50%। ऑफ़र लेटर या सैलरी स्लिप देखें

₹

₹2,500 (2.5 हज़ार) · जिन राज्यों में लगता है वहाँ ज़्यादातर ₹2,500; आपके राज्य में न लगे तो 0 डालें

टैक्स रिजीम

हाथ में आने वाला वेतन (मासिक)

₹81,325

₹9,75,900 सालाना · नई रिजीम

सकल वेतन
₹10,00,000
− कर्मचारी का PF
₹21,600
− प्रोफ़ेशनल टैक्स
₹2,500
− इनकम टैक्स (नई रिजीम)
₹0
हाथ में आने वाला वेतन (सालाना)
₹9,75,900
  • हाथ में: 97.6%
  • इनकम टैक्स: 0.0%
  • PF और अन्य: 2.4%

दूसरी रिजीम की तुलना में नई रिजीम में आपकी साल में ₹1,01,590 की बचत होती है।

चुने गए वर्ष के इनकम टैक्स स्लैब, 87A छूट और स्टैंडर्ड डिडक्शन इस्तेमाल होते हैं; पुरानी रिजीम में आपका PF 80C में गिना जाता है। HRA जैसे भत्ते और 80D जैसी कटौतियाँ शामिल नहीं हैं; उनके लिए इनकम टैक्स कैलकुलेटर इस्तेमाल करें। यह अनुमान है, टैक्स सलाह नहीं।

आपके ब्राउज़र में प्रोसेस होता है। कुछ भी अपलोड नहीं होता।

टैक्स के बाद सैलरी कैसे निकालें

  1. 1

    अपना सकल वेतन डालें, सालाना या मासिक।

  2. 2

    बेसिक वेतन का हिस्सा और PF कैसे कटता है, चुनें।

  3. 3

    टैक्स रिजीम चुनें, या “कम टैक्स वाली” चुनकर कैलकुलेटर पर छोड़ दें।

  4. 4

    हर कटौती के साथ अपनी मासिक और सालाना इन-हैंड सैलरी देखें।

सकल वेतन से हाथ में आने वाली सैलरी तक

ऑफ़र लेटर या सैलरी स्लिप में लिखी सैलरी पूरी आपके बैंक खाते में नहीं आती। पहले तीन चीज़ें कटती हैं: आपका प्रोविडेंट फ़ंड योगदान, जिन राज्यों में लगता है वहाँ प्रोफ़ेशनल टैक्स, और इनकम टैक्स। यह कैलकुलेटर इन्हें सही क्रम में घटाकर आपकी मासिक और सालाना इन-हैंड सैलरी दिखाता है।

टेक-होम सैलरी कैलकुलेटर और नेट सैलरी कैलकुलेटर: टैक्स के बाद अपनी इन-हैंड सैलरी देखें।

क्या-क्या कटता है

  • कर्मचारी PF: बेसिक का 12%। क़ानूनन यह ₹15,000 महीने तक के बेसिक पर ही ज़रूरी है (₹1,800 महीना), पर कई नियोक्ता पूरे बेसिक का 12% काटते हैं। सैलरी स्लिप में जो दिखे, वही विकल्प चुनें।
  • प्रोफ़ेशनल टैक्स: महाराष्ट्र, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में साल में ₹2,500 तक। आपके राज्य में न लगे तो 0 डालें।
  • इनकम टैक्स: पहले से नई रिजीम में, ₹75,000 के स्टैंडर्ड डिडक्शन और धारा 87A की छूट के साथ; या पुरानी रिजीम में ₹50,000 के स्टैंडर्ड डिडक्शन और 80C में गिने गए PF के साथ। अपने आप तुलना के लिए “कम टैक्स वाली” चुनें।

एक छोटा उदाहरण

₹12 लाख सकल वेतन, 50% बेसिक और पूरे बेसिक पर PF: PF ₹72,000 साल और प्रोफ़ेशनल टैक्स ₹2,500। नई रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद कर योग्य आय ₹11.25 लाख है, इसलिए 87A की छूट से इनकम टैक्स शून्य। इन-हैंड सैलरी ₹11,25,500 साल, यानी लगभग ₹93,792 महीना।

दूसरे टूल कब इस्तेमाल करें

अगर आप HRA, होम लोन ब्याज या 80D का दावा करते हैं, तो पुरानी रिजीम बेहतर हो सकती है; इन्हें इनकम टैक्स कैलकुलेटर और HRA कैलकुलेटर में डालें। अगर आपको सिर्फ़ CTC पता है, तो CTC से इन-हैंड कैलकुलेटर से शुरू करें, जो नियोक्ता PF और ग्रेच्युटी भी घटाता है।

आपकी सैलरी की जानकारी आपके डिवाइस पर रहती है और कभी अपलोड नहीं होती।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सकल वेतन से क्या-क्या कटता है?

आपका PF योगदान (आम तौर पर बेसिक का 12%), जिन राज्यों में लगता है वहाँ प्रोफ़ेशनल टैक्स (साल में ₹2,500 तक), और इनकम टैक्स। बचा हुआ आपकी इन-हैंड सैलरी है।

₹12 लाख की सैलरी पर कितना टैक्स लगता है?

नई रिजीम में ₹12.75 लाख तक की सैलरी पर कोई टैक्स नहीं: ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन कर योग्य आय को ₹12 लाख पर लाता है, जहाँ धारा 87A की छूट से टैक्स शून्य हो जाता है।

PF ₹1,800 महीने तक ही क्यों?

क़ानूनन PF सिर्फ़ ₹15,000 महीने तक के बेसिक पर ज़रूरी है, जिसका 12% ₹1,800 है। कई नियोक्ता पूरे बेसिक का 12% काटते हैं; आपकी सैलरी स्लिप जो दिखाए, वही विकल्प चुनें।

क्या इसमें HRA और दूसरे भत्ते शामिल हैं?

यह पूरे सकल वेतन पर टैक्स लगाता है। HRA छूट और 80D जैसी कटौतियाँ सिर्फ़ पुरानी रिजीम में टैक्स घटाती हैं; उनके लिए इनकम टैक्स और HRA कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।