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इमरजेंसी फ़ंड कैलकुलेटर

आपका सुरक्षा कवच कितना बड़ा हो, और वहाँ कैसे पहुँचें।

₹

₹40,000 (40 हज़ार) · किराया, खाना, बिल, आना-जाना, इंश्योरेंस, स्कूल फ़ीस: जो टाला नहीं जा सकता

₹

कितने महीनों का इंतज़ाम

₹
₹

₹10,000 (10 हज़ार)

आपका इमरजेंसी फ़ंड लक्ष्य

₹2,40,000

आपकी बचत की रफ़्तार से 24 महीने में पूरा होगा

हर महीने के ज़रूरी ख़र्च
₹40,000
इमरजेंसी फ़ंड लक्ष्य
₹2,40,000
पहले से बचाया
₹0
अभी और चाहिए
₹2,40,000

यह फ़ंड सुरक्षित और तुरंत मिलने वाली जगह रखें, जैसे बचत खाता या ऐसी जमा जिसे बिना बड़े जुर्माने के तोड़ सकें, शेयरों में नहीं।

आपके ब्राउज़र में प्रोसेस होता है। कुछ भी अपलोड नहीं होता।

इमरजेंसी फ़ंड कैसे निकालें

  1. 1

    ज़रूरी मासिक ख़र्च और लोन EMI डालें।

  2. 2

    अपनी स्थिति के हिसाब से कितने महीनों का इंतज़ाम चाहिए, चुनें।

  3. 3

    पहले से अलग रखी रक़म जोड़ें।

  4. 4

    लक्ष्य, कमी और उसे भरने का समय देखें।

आपका आर्थिक सुरक्षा कवच

इमरजेंसी फ़ंड तब बिल चुकाता है जब कुछ गड़बड़ हो: नौकरी जाना, इंश्योरेंस में न आने वाला इलाज का बिल, ज़रूरी मरम्मत या परिवार की कोई आपात स्थिति। इसके बिना एक बुरा महीना क्रेडिट कार्ड के कर्ज़ या बीच में तोड़े निवेश में बदल जाता है। कैलकुलेटर बताता है कि आपका फ़ंड कितना बड़ा हो, अभी कितना और चाहिए और उसे बनाने में कितना समय लगेगा।

इमरजेंसी बचत कैलकुलेटर: कितना इमरजेंसी फ़ंड चाहिए, जिसे कॉन्टिन्जेंसी फ़ंड भी कहते हैं।

कितना काफ़ी है?

फ़ंड = ज़रूरी मासिक ख़र्च × कुछ महीने:

  • 3 महीने: स्थिर नौकरी, दो आय, कम आश्रित।
  • 6 महीने: ज़्यादातर परिवारों के लिए आम सलाह।
  • 9 महीने: एक आय, आश्रित या होम लोन।
  • 12 महीने: स्वरोज़गार, फ़्रीलांस, कमीशन वाली या मौसमी आय।

सिर्फ़ ज़रूरी ख़र्च गिनें: किराया या होम लोन EMI, राशन, बिजली-पानी, आना-जाना, इंश्योरेंस प्रीमियम, स्कूल फ़ीस और दूसरे लोन की EMI। घूमना, बाहर खाना और शॉपिंग छोड़ दें, जिन्हें आपात स्थिति में आप रोक देंगे।

उदाहरण

40,000 महीने के ज़रूरी ख़र्च और 6 महीने के इंतज़ाम पर लक्ष्य 2,40,000 है। अगर आपने 60,000 अलग रखे हैं और 10,000 महीना बचा सकते हैं, तो 18 महीने में लक्ष्य पूरा होगा।

कहाँ रखें

पैसा सुरक्षित हो और एक-दो दिन में मिल जाए: अलग बचत खाता, स्वीप-इन FD या लिक्विड फ़ंड। इसे शेयरों में न रखें, जो ठीक ज़रूरत के समय गिर सकते हैं, और न ही भारी पेनल्टी वाली लंबी FD में।

पहले क्या?

पहले लगभग एक महीने के ज़रूरी ख़र्च जितना छोटा फ़ंड बनाएँ, फिर क्रेडिट कार्ड जैसा महँगा कर्ज़ चुकाएँ, फिर पूरा फ़ंड बनाएँ। उसके बाद बड़े लक्ष्यों की योजना बचत लक्ष्य कैलकुलेटर से बनाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

इमरजेंसी फ़ंड कितना होना चाहिए?

आम तौर पर ज़रूरी ख़र्च के 3 से 6 महीने। अगर आप स्वरोज़गार हैं, एक ही आमदनी है, आश्रित हैं या बड़ा लोन है, तो 12 महीने तक रखें।

ज़रूरी ख़र्च में क्या गिनें?

वे ख़र्च जो आमदनी रुकने पर भी नहीं रुकते: किराया या EMI, खाना, बिजली-पानी, आना-जाना, इंश्योरेंस प्रीमियम और स्कूल फ़ीस। घूमना और शॉपिंग छोड़ दें।

इमरजेंसी फ़ंड कहाँ रखूँ?

सुरक्षित और जल्दी मिलने वाली जगह: बचत खाता, स्वीप-इन FD या लिक्विड फ़ंड। शेयरों में न रखें, क्योंकि ज़रूरत के समय वे गिरे हुए हो सकते हैं।

पहले कर्ज़ चुकाऊँ या फ़ंड बनाऊँ?

ज़्यादातर सलाहकार पहले एक महीने के ख़र्च जितना छोटा फ़ंड, फिर क्रेडिट कार्ड जैसा महँगा कर्ज़ चुकाने, और फिर पूरा फ़ंड बनाने की सलाह देते हैं।