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घर का बजट कैलकुलेटर

आपकी आय और बचत से कितने का घर संभव है।

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₹1,50,000 (1.5 लाख) · बैंक आम तौर पर नेट मासिक वेतन देखते हैं

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भारतीय बैंक लगभग 40–60% तक देते हैं; खाड़ी के बैंक कुल कर्ज़ वेतन के लगभग 33–50% तक सीमित रखते हैं

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₹15,00,000 (15 लाख)

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साल
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क़ीमत का जितना हिस्सा बैंक लोन देगा: अक्सर 75–90%

आप इतने का घर ले सकते हैं

₹75,00,000

लोन आपके डाउन पेमेंट से सीमित है; ज़्यादा बचत से आप महँगा घर ले सकेंगे।

बैंक जितनी अधिकतम EMI देगा
₹75,000
आपकी आय से मिलने वाला लोन
₹86,42,313
डाउन पेमेंट से मिलने वाला लोन (80% LTV)
₹60,00,000
लोन की रक़म
₹60,00,000
डाउन पेमेंट
₹15,00,000
आप इतने का घर ले सकते हैं
₹75,00,000
इस लोन की EMI
₹52,069

रजिस्ट्रेशन और स्टांप ड्यूटी, ट्रांसफ़र फ़ीस, ब्रोकरेज और फ़र्निशिंग का भी बजट रखें, अक्सर क़ीमत के ऊपर 7–10%। बैंक आपकी उम्र, क्रेडिट स्कोर और नौकरी का इतिहास भी देखते हैं।

आपके ब्राउज़र में प्रोसेस होता है। कुछ भी अपलोड नहीं होता।

कितने का घर ले सकते हैं, कैसे निकालें

  1. 1

    मासिक आय और मौजूदा EMI डालें।

  2. 2

    बैंक जितनी EMI का हिस्सा देता है और अपना डाउन पेमेंट डालें।

  3. 3

    लोन दर, अवधि और अधिकतम LTV डालें।

  4. 4

    लोन की रक़म, घर की क़ीमत और EMI देखें।

होम लोन की दो सीमाएँ

होम लोन के आवेदन पर बैंक दो चीज़ें देखता है, और जो कम हो वही आपका बजट तय करती है:

  1. आपकी आय: मौजूदा लोन समेत आपकी सारी EMI मासिक आय के एक हिस्से से ज़्यादा नहीं हो सकती। भारतीय बैंक इसे FOIR कहते हैं और आम तौर पर 40–60% तक देते हैं।
  2. आपका डाउन पेमेंट: बैंक प्रॉपर्टी की क़ीमत का एक हिस्सा ही लोन देता है (लोन-टू-वैल्यू, LTV), आम तौर पर 75–90%। बाक़ी आपका डाउन पेमेंट है।

होम लोन पात्रता कैलकुलेटर: मैं कितने का घर ख़रीद सकता हूँ?

उदाहरण

1,50,000 महीना आय, कोई दूसरा लोन नहीं, 50% FOIR: अधिकतम EMI 75,000। 8.5% पर 20 साल के लिए इससे लगभग 86 लाख का लोन मिल सकता है। पर 15 लाख डाउन पेमेंट और 80% LTV सीमा पर बैंक सिर्फ़ 60 लाख देगा, इसलिए आप 75 लाख का घर ले सकते हैं, जो डाउन पेमेंट से सीमित है। ज़्यादा बचत से यह बढ़ेगा; सिर्फ़ ज़्यादा सैलरी से नहीं।

अतिरिक्त ख़र्चों का बजट

  • स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन (भारत में अक्सर क़ीमत का 5–8%)।
  • ब्रोकरेज, क़ानूनी जाँच और लोन प्रोसेसिंग फ़ीस।
  • इंटीरियर, फ़र्नीचर और शिफ़्टिंग।

कई ख़रीदार डाउन पेमेंट के ऊपर क़ीमत का 7–10% अलग रखते हैं।

EMI आरामदायक रखें

बैंक जितना अधिकतम देता है, वह हमेशा आरामदायक नहीं होता। बचत, इंश्योरेंस और इमरजेंसी फ़ंड के लिए काफ़ी बचा रहे। लंबी अवधि EMI घटाती है पर ब्याज कहीं ज़्यादा लगता है; विकल्पों की तुलना EMI कैलकुलेटर में करें। अभी ख़रीदना ठीक न लगे तो किराया बजट कैलकुलेटर देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बैंक कैसे तय करते हैं कि मुझे कितना लोन मिलेगा?

दो सीमाएँ: मौजूदा समेत आपकी सारी EMI आय के एक हिस्से (FOIR) के भीतर हों, और लोन घर की क़ीमत के एक हिस्से (LTV) तक ही हो। जो कम हो, वही तय करता है।

कितना डाउन पेमेंट चाहिए?

कम से कम क़ीमत का वह हिस्सा जो बैंक लोन नहीं देगा: 80% LTV पर 20%, साथ में रजिस्ट्रेशन, स्टांप ड्यूटी और दूसरे ख़र्च।

क्या लंबी अवधि मदद करती है?

इससे EMI घटती है, इसलिए उसी आय पर बड़ा लोन मिलता है, पर कुल ब्याज बहुत ज़्यादा देना पड़ता है।

क्या बैंक इतना ही लोन मंज़ूर करेगा?

यह अनुमान है। बैंक आपकी उम्र, क्रेडिट स्कोर, नौकरी की स्थिरता और प्रॉपर्टी भी देखते हैं।